Wednesday, 30 March 2016

बुरी संगति का दण्ड


बुरी संगति का दण्ड


एक बार एक किसान  ने पक्षियों को पकड़ने  के लिऐ  अपने खेत  में  जाल  बिछाया । जाल में बहुत से पक्षी फंसे । फंसे हुए पक्षियों में जंगली कौए तो थे  ही , बेचारा एक कबूतर भी फंसा पड़ा था ।
   वह बेचारा लगा किसान की मिन्न्तें करने -" ओह, मालिक आपने इन कौओं के साथ मुझे क्यों पकड़ लिया ? कृपया मुझे छोड़ ही दीजिए । आप तो जांते हैं, मैं एक हानिरहित सीधा -सादा पक्षी हूं कि आप अपने सच्चे मित्र को हानि नहीं पहुंचाना चाहेंगे । "
     " मैं अच्छी तरह समझता  हूं । " किसान बोला - " मैं जानता हूं कि तुम किसानों को नुकसान नहीं पहुंचाते । तुम उनके मित्र हो,मगर तुम्हें भी उसका दण्ड भुगतना पड़ेगा  । "
    अब  कबूतर  को  अपनी  गलती का एहसास  हुआ , मगर तब तक बहुत देर हो चुकी  थी ।
निष्कर्ष : बुरी संगत से बचो , इसका फल भी बुरा होता है ।








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